Dragan Dragojlović प्रमुख सरबेरियन कवि, अनुवादक और राजनैयिक
 


मैं तुम्हे फिर पहचान लूंगा

चिंगारियों के बीच, अग्नि की
लपटों के बीच, मैं तुम्हे चीह्न लूंगा

हथेली पर पर राख की दमक में
पहचान लूंगा मैं तुम्हें
राख जो मेरे सीने के बाई ओर से
झड़ी, तुम्हारी अनुपस्थिति
और मेरी जिन्दगी की
गरमाहट से जुड़ी है

अपने दिल की धड़कनों से चीह्नता हूँ तुम्हें
जहाँ बिजली की चमक रहित तूफान में
जहाँ तक हमारी निगाहें पहुँची
स्वर्गीय लोकों को निरखा हम दोनों ने


वहां जहाँ हमने समझा एक दूसरे को
अपने यौवन से
जहाँ . मैं तुम्हें देखता हूँ
मेरी याद में ,
चुम्बनों की तरह
सदाहरित मैदानों मे
भटकते हुए,


मैं पहचान लूंगा तुम्हें
अपनी धमनियों की उष्मा से
सप्तऋषियों के चमकीले प्रकाश से
जो आसमान से चोरी छिपे
अपनी प्रेमिका से मिलने जा रहे हैं


तुम्हारा नाम अंकित है



जहाँ जहाँ जिन्दगी के रहस्य गर्भित हैं
वहां वहां तुम्हारा नाम अंकित है
जहाँ यह किसी से प्भावित नहीं होता
यह अंकित है मेरी देह पर
मेरे आनन्द पर
वर्षा की बून्दों पर, हवा पर
जहाँ से बेहतरीन घोड़े पर सवार हो
तुम्हारे बगीचे में आता हूँ

यह अंकित हैं मेरीआँखों मे
मेरे दिन और रातो में
मेरी नीन्द की पहरेदारी में, जहाँ
इसे पुनः नवीनता मिलती है

यह अंकित है मेरे दिल में
जहाँ मृत्यु का स्पर्श नहीं
और जहाँ मेरी धड़कनों से
पुनर्जाग्रत हो, अनन्तता में
एकसार होती है


जब जिन्दगी हमें तोड़ने लगी

जब जिन्दगी की टूटन के साथ
दुनिया की ओर देखा
तो वह वैसी नहीं लगी,
जैसा कि हमने सपना देखा था

जब हमारी मीनार पर परदे
खुल कर फट जायेंगे
और उनके भग्नावेश में
हमारी आशा दफ्न हो जायेंगी
तब मैं तुम्हारा नाम
इस छद्म आसमान के इस छोर से
उस छोर तक लिख दूंगा

जहाँ तक मैं आँख मूंद कर भी
देख सकता हूँ


तुम्हारा नाम जपता हूँ

मैं तुम्हारा नाम इस तरह लेता हूँ
जैसे कि एक खुशमिजाज इंसान
अपने मौन से संवाद करता है
जैसे कि एक प्रार्थना में
मन्त्रों का जाप होता है,
एक शीर्षक में सब कुछ
इस आशा से कि कोई अनाम देवी,
किसी अदृश्य स्थान से तुम्हें यहाँ ले आएगी
और मेरे दिल में वास करवा देगी
जहाँ तुम मेरी आवाज को सुन सकों।

यहाँ तुम्हारे नाम की ध्वनियाँ
आसमान तक एक सीढ़ी तान देती हैं
जिससे चांद नीचे उतरता है
जब यादें दस्तक उस द्वार पर
दस्तक देतीं हैं, जहाँ से
वक्त हाथों से निकल कर
अनन्तता की ओर जाता है


वहीं, एक दिन मैं तुम्हें पा लूंगा
और तुम्हें दगाबाज दिनों के
चित्रों का उपहार बना कर दूंगा
 

अनुवादक --रति सक्सेना


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