कविता किस के लिए

काल और स्थान सापेक्ष है। कुछ ऐसे तत्व होते हैं, जो काल को चिह्नित करने में सक्षम होते हैं, ये समय के संस्कार हैं जो कभी कभी कला में परिलक्षित होते हैं। कला के स्वरों को हम कविता कह सकते हैं. जो प्रतिध्वनि की तरह मानवीयता के साथ भ्रमण करती है। कविता काल से परे हैं, जो आवर्तित होती हुई भी नवीन सी प्रतीत होती है।

कविता जितनी जमीन से जुड़ती है, उतनी ऊंचाइयों की तरफ रुख लेती है। वह अपने काल के साथ चलते हुए समय से आगे रहने की कोशिश भी कहती है. और पार्श्व की स्मृतियों को झोली में रख कर भविष्य की ओर इशारा भी करती है।

कविता आदमी को जिन्दगी से जुड़ना सिखाती है तो जिन्दगी से परे सोचना भी .
कविता जितना साथ रहना सिखाती है उतना ही एकाकी पन से सुलह करना भी

कविता किसी खास के लिए होती है, तो कभी किसी के लिए भी नहीं

इसी कविता को झोले में भर कर कुछ व्यापारिक अंको को पार कर लेते हैं तो कुछ सब कुछ त्याग देते हैं.

कविता के अनेक चेहरे होते हैं. और कभी कभी सभी चेहरों पर एक ही कविता होती है

कविता मृत्यु में भी जिन्दगी के गीत सुनाती है. दीवारे तोड़ती है, प्रेम को स्वर देती है. बदरंग रंगों को खिलना सिखाती है, पैबन्द में मुस्कान खिलाती है।

कविता सत है तो असत भी, काल है तो महाकाल भी, एकाकी है तो बहुत्व का शोर भी

कविता किस के लिए है? संभवतया किसी के लिए नहीं



हम सब कविता के लिए हैं। अन्त में कुछ लकीरें

मेरे देश में कोई गाजा लाइन नहीं है
ना ही सड़कों पर जहरीले धूँए
लेकिन बम के गोलों के खाली खोखों मे
फिलिस्तानी स्त्रियां मेरे
देश में बम की महक भेज हैं

मेरे देश के बच्चे कनफोड़ धमाकों मे
आँख नहीं खोलते
लेकिन जब एक फिलिस्तानी बच्ची
अपनी गुड़िया की आँखें मींचते हुए फफकती है
हत्या का ताण्डव उसकी आँखों से गुड़िया
के जेहन में ना उतर जाये
तो मेरे देश की हवा ना जाने क्यों नम हो जाती है
हालांकि मानसून अभी दूर है

मेरा इतिहास के कुछ पन्नों में
खून जमा है, लेकिन मेरे देश के शायरों ने
उन पन्नों कविता का इतर छिड़का है

युद्ध तुम चाहे कहीं भी हो,
पहाड़ों पर चढ़े टिन के घरों में

नालियों में बहते नशे में
या फिर
दो देशों के बीच

मेरी कविता के विरोध में ही खड़े लगते हो

रति सक्सेना



इस अंक के कलाकार चेतन आदिच्य है, जिनकी कलाकृति में जिन्दगी के सुर हैं



     पत्र-संपादक के नाम                                                  
 


मेरी बात | समकालीन कविता | कविता के बारे में | मेरी पसन्द | कवि अग्रज
हमसे मिलिए | पुराने अंक | रचनाएँ भेजिए | पत्र लिखिए | मुख्य पृष्ठ