हादा सेंडू Hadaa Sendoo (मंगोलियन कवि)-अनुवाद ‍-उमा


हाडा सैन्डू, मंगोल मूल के कवि हैं, जो अपनी जमीन और इतिहास से बेहद जुड़े हैं. हाडा की कविताओं का अनुवाद कई भाषाओं में हुआ है इसलिए मंगोल कविताएं दुनिया तक पहुँचती हैं। अन्यथा साहित्य और संस्कृति की दृष्टि से मंगोल वैश्विक पटल पर उभर कर नहीं आ पाया है। इस दृष्टि से ये कविता!ं अन्य भाषा भाषियों के लिए भी महत्वपूर्ण हैं।


स्वर्ग से आँसुओं का सबब


जब रेगिस्तान नदारद होता है
हम इंसान रेगिस्तानबन जाते हैं

जब लोचे गायब हो गए
हम नहीं बन सकें नदियाँ

जब गायब होती है सफेद बर्फ
ठंडक रुखसत हो जाएगी जिंदगी से

जब खानाबदोश गुमहो जाते हैं
मैं पुकारता हूँ अतीत को, संगीन दलाई को

जब मंडेला चले गए थे
बुझ गया था शांति का एक प्रकाश स्तंभ
रातों के समंदर में

जब नदारद हो जाता है एक पंछी
शहर खो देता है संगीत की एक धुन

जब गायब हो जाती है पृथ्वी
कौन ला सकता है राख से निकालकर अपने माता-पिता?
स्वर्ग से आँसुओं का सबब

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खुखुन्नूर


लिगदान खान के लिए

धरा की धुरी पर
जिंदा हूँ मैं
मैं फिर से भोर का गीत नहीं गाना चाहता
मगर ऐसा अँधेरे को और भी गहरा बना देगा

मैं नहीं चाहता कि मेरी उम्मीदें थक जाएं
मेरे घोड़े की तरह
नादाम का हिस्सा बन
और थक जाए युद्ध के मैदान में

मांस और मदिरा
जैसे शिथिल पड़ता धुंधलका
केवल उजाले ही मुझे शुभकामनाएँ देते हैं
नेक कामों के आकर्षक खात्मे की

मैं महज सुनना चाहता हूँ दिल की, कोई अफसोस नहीं
बिलकुल लिगदान खान की तरह
घोड़ों और उनके खुरों की आवाज
अभी भी यहीं
नीली झील के किनारे


अनुवाद ‍-उमा


*नादाम- मंगोलियो का एक त्योहार
 


* लिगदान खान (1588- 1634) चंगेज खान स्वर्ण परिवार के शासन के अंतिम
महान खान थे। वह राष्ट्रीय राजनीतिक हितों का प्रतिनिधित्व करने वाले
नेता थे। उन्होंने विभिन्न मंगोलियाई जनजातियों की एकता को बहाल करने का
दृढ़ संकल्प किया, लेकिन अंतत: असफल रहे। उनकी 43 साल की उम्र में किंघई
(खुखुन्नूर) में मृत्यु हो गई।

 


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