Ashraf Aboul-Yazid Ashraf-Dali ( मिस्र)


Sixty Love Letters for her

उसके नाम साठ प्रेम पत्र
अनुवाद रति सक्सेना


1

मुश्किल है चीजों को नाम देना
मुश्किल है समझना कि प्यार में
बस चार अक्षर हैं
अक्षरों के इतने बड़े झुण्ड में

2

मैंने क्रिसमस पर खिड़की के
शीशो पर जमें बर्फ के फाहे
नहीं देखें
मैंने दूर दराज के खेत से
झरबेरियां नहीं चुनी
मैंने जंगली नरगिस की
पंखुड़ियां नहीं गिनी
फिर मैं कैसे कह सकता हूँ
कि हमारा आलिंगन
खिड़की के शीशे पर
पिघलते बर्फ के फाये सा है
जहां से पानी बेरियों के खेतों में
नरगिस की पंखुड़ियों को उगाने के लिए
चला जाता है
किसकी जरूरत होती है
कविता की या प्यार की?

3

मुझे परवाह नहीं बदलते इतिहास की
मैं नहीं बदलना चाहता हूं पूराने कानून
न ही उन्हें बेहतर करना चाहता हूं
मैं तुम्हारे पास आया हूँ लिखने के लिए
या फिर कहो तो
दूसरा इतिहास बनने के लिए

4

तुम्हारे पास तक आने वाले रास्ते में
मैंने हजारों युद्ध लड़े
धरती बरसात के चुम्बन के लिए जूझ रही है
पशु घास की खोज में
पीड़ा दायक स्मृतियों को याद करते हुए
लेकिन ये सारे युद्ध मेरे ही बच्चे हैं

5

पवित्र पुस्तक के स्वर्गिक शब्द
समान अक्षरों से बने हैं
झूठों और चोरों के द्वारा
अपमान के बदले
फेरी वाले,
भ्रष्ट और भ्रष्ट लोग
मानो हम केवल नबी थे
रहस्योद्घाटन को देखते हुए,
खोए हुए शब्दों को
बाकियों के लिए
छोड़ते हुए

6
गड़बड़ी वाली दुनिया में
मैं एक सटीक नाशक हूँ
जिससे सब कुछ ठीक कर सकूं

7

वर्तमान के आकर्षण से
कुछ भी मजबूत नहीं है
लेकिन आकर्षण का असर छूट गया
8

मुझे परवाह नहीं
यदि मैं निष्काशित होता हूं
जब तलक एक अकेली औरत के दिल में
मेरा एक घर है

9


मुझे A K 47 की जरूरत नहीं
या फिर टेंक
राकेट
सुरंगों
या परमाणु बमों की
बस इतना ही करना है कि
डर नामक शब्द हटा देना है
आदमी के शब्दकोष से
10
मुझे दर्पण में अपनी छवि
अच्छी नहीं लगती
क्या मैं निर्जीव चीजें हटा दूं
या फिर अपने आप को ही बदल डालूं

11

प्यार में सब कुछ
खोया जा सकता है
सिवाय
अपनी प्रेमिका के

मिस्र के नामी कवि, आलोचक, पत्रकार, अनुवादक, सम्पादक Ashraf Aboul-Yazid Ashraf-Dali
 


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