मैं कृत्या हूँ
कृत्या - मारक शब्द शक्ति,
कृत्या - जो केवल सच के साथ चलती हो,
कृत्या - जो पूरी तरह सही का साथ देती हो ।

 (ISSN 0976-5158)   


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लाओ त्से तुंग ने ताओ के रूप में कहा -New beginnings are often as painful endings , एक गम का जाना , एक खुशी का आना नहीं,मैं यह भी कहूंगी कि खुशी का एक तिनका दर्द के गट्ठर से छिटका साथी है, वह जल्द अपने दोस्तों से मिलने को आतुर होगा।
Zen दर्शन में एक उक्ति है -मैंने जब तापस आरम्भ किया तब पहाड़ पहाड़ थे, नदियां नदियां थी, बादल बादल थे, मैंने कुछ और ध्यान किया तो नदिया नदिया नहीं थी, पहाड़ पहाड़ नहीं थे, बादल बादल नहीं थे, मैं कुछ और तपस्या में डूबा तो फिर नदियां नदियां दिखने लगीं, पहाड़ चमकने लगे, बादल मण्डराने लगे,,,,

 
रति सक्सेना
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एक बार मैं गर्मियों के दिनों में खिड़की पर
कुछ ज्यादा ही टिका रहा, असंजस में
गोधूली में डूबते हुए
मैंने अपनी निगाह उदास बादलों की तरफ घुमाई
वहां वे उदास बादलों को प्रज्वलित कर रहे थे
Hans D. Amadé Esperer
*
मैंने तुम्हारी सारी तस्वीरें फाड़ डालीं
लेकिन फिर भी तुम याद आती रहीं

मैं बहुत बहुत दूर चला गया,
कि वापिस ही नहीं लौटूं

लेकिन फिर भी तुम याद आती रहीं
Eldar Akhadov
*
उन्होने मेरे पाँवों के नीचे से
मेरे देश को खींच लिया
निष्कासन‍- नाम देते हुए

अचानक इस तरह
मेरे नीचे कोई जमीन नहीं

एलिसिया पार्टनोई
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मौन

तुमने
जब से
मेरा बोलना
बन्द किया है

देखो ना
मेरा मौन
कितना चीखने लगा है
.गूँजने लगी है
मेरी असहमति
और
चोटिल हो रहा है
तुम्हारा दर्प .....|

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देवता

मैंने
तुम्हारी मनुष्यता से
प्रेम किया
और
तुम मुझे
देव से लगने लगे

मेरे प्रेम ने की
तुम्हारी अराधना
और
तुम खुद को देवता मान
आजमाने लगे
मुझी पर
सर्जना और विनाश के नियम |
रंजीता सिंह फ़लक की कविताएं

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=
मुश्किल है चीजों को नाम देना
मुश्किल है समझना कि प्यार में
बस चार अक्षर हैं
अक्षरों के इतने बड़े झुण्ड में
=
मुझे परवाह नहीं बदलते इतिहास की
मैं नहीं बदलना चाहता हूं पूराने कानून
न ही उन्हें बेहतर करना चाहता हूं
मैं तुम्हारे पास आया हूँ लिखने के लिए
या फिर कहो तो
दूसरा इतिहास बनने के लिए
=
तुम्हारे पास तक आने वाले रास्ते में
मैंने हजारों युद्ध लड़े
धरती बरसात के चुम्बन के लिए जूझ रही है
पशु घास की खोज में
पीड़ा दायक स्मृतियों को याद करते हुए
लेकिन ये सारे युद्ध मेरे ही बच्चे हैं

Ashraf Aboul-Yazid Ashraf-Dali
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जब धर्मसाला में बारिश होती है.

जब धर्मसाला में बारिश होती है
बारिश की बूँदें बॉक्सिंग ग्लव्ज़ पहन लेती हैं
हज़ारों की संख्या में
वे मेरे कमरे पर बरसती हैं
और इसे पीटने लगतीं हैं बे तरह
अपनी टीन की छत के नीचे
मेरा कमरा भीतर से रोता है
और भिगो देता है मेरे कागज़ों को
मेरे बिस्तर को.

कभी कभी एक चालाक बारिश
आती है पिछवाड़े से

'Tenzin Tsundue

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VOL - XV/ ISSUE-IX
जनवरी-फरवरी

2021

प्रमुख संपादकः
रति सक्सेना

 

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