Hans D. Amadé Esperer


स्थिर जीवन

हमने वहाँ एक जोड़ी सन्तरे के आधे हिस्से रखे
चिपचिपे, रस से भरपूर थे, धीरे धीरे उंगलियां
दूसरे के मांस की मुलामियत में धंसने लगी
हम पलक झपकना भी भूलने लगे
चाकू भी महसूस नहीं कर पाये
जो छीलने की क्रिया को पूरा करने के लिए था
सूरज की दमदमाती रौशनी में


ओपेरा से भागते

चलो हम याद रखे, अंधेरे में साथ खड़े होना, या फिर भागना?
क्या हम संगीत लहरियों में डूबे थे
या फिर उस नाटक में। तुम्हे मालूम होगा सब कुछ
ये छोटे छोटे दृश्य तुम्हे अनावृत करते है
और मुझे कंकाल बना देते हैं, उन्हें हमेशा ही नग्नता पसन्द है
चाहे अच्छी हो या बुरी, वे हरेक ओपरा में सच्चाई खोजते हैं
हम भूत प्रेतों के आने से पहले ही निकल पड़े थे
जब कुछ दर्शक बेहोश हो कर गिर जायें
Questo è il fin di chi fa mal
मुंह से मुंह में आक्सीजन की चाहना में
हम निकल चुके के आपस में ही चुम्बन करते हुए
लेकिन हम अपनी धमनियों की सिहरनों को नहीं बता सकते
जो हमारे अदला बदली दिलों की एक कोशिका हैं



Amadé Esperer जर्मनी मूल के कवि, पेशे से डाक्टर, और कर्म में सम्पादक, भाषाविज्ञानी, कवि, जिनहें अनेक पुरस्कार मिले हैं। आपने शेक्सपीयर के नाटकों का अनुवाद भी किया है।
बहुआयामी व्यक्तित्व के स्वामी कवि, कविता में सौन्दर्य और शृंगार रस को विशेष महत्व देते हैं।

 


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