कविता में प्रतिरोध अधजली हालत में, बेड़ियों से जकड़ा इतिहास ऐन आँखों के सामने सलीब पर लटका था। नेरुदा की कविता बच्चे की लाश के पास
श्याम सुधाकर (मलयालम) अंग्रेजी से हिन्दी में अनुवाद - ब्रजेश सिंह मकड़ी का सुसाइड नोट आज सुबह हीमुझे इस बारे में पता चलाकि हम मकड़ियों के परिवार नहीं
ज्‍बीग्‍न्‍येव हेर्बेत -Zbigniew Herbert     वर्तमान यूक्रेन में जन्‍में कवि, निबंधकार, नाटककार और अनुवादक थे। उनका नाम 20 वीं सदी के महानतम कवियों में गिना जाता हैं।   * एक
संस्कृति और साहित्य पर सम्पादक को 29,10,99 को लिखा एक खत, जिसका जवाब आज तक नहीं मिला, मैं ये सवाल कृत्या के पाठकों के सामने
असंग घोष   तेरी हड़प नीति   तूने सारे जल पर अपना हक़ जताया और आपस में बाँट ली सारी जमीन आकाश को भी हथिया ही लिया तूने सांप की तरह अपनी लपलपाती जिव्हा से इस तरह जल , नभ
रात जाने लगी तो आसमान बोला..शुभ यात्रा उसके शब्द सुनहरे रंगों में बदल गए तने ने मुस्कुरा कर सावन से पूछा.. कैसे हो? लाल पीले शब्द फूल बन
आशीष गौड़ गुफा के बाहर की कविताएक कविताजो भरे कमरे में अकेली है। एक मानिंद कविताजो ख़तरे में है,एक ऐसी कविताजिस पर तालियाँ नहीं बज रहीं। एक कविताजो
तिरुकुरल   दो हजार पुराने तिरुकुरल, दक्षिण भारत का वेद है। जिन्दगी को ना नकारते हुए, मानवियता को जीने की कला, इन कुरलों में निहित है। सप्त
लगन गरीब का रात्रिभोज पानी है नंगे पाँव,तारकोल की सड़क पर चलतेइधर-उधर भीख माँगते बच्चे।शीशा बंद,गाड़ी के भीतरठंडी हवा में सोया हुआ एक व्यक्ति।शीशा खटखटाकरउसे जगाया गया।“दे
रमेश कार्तिक नायक तेलुगु और अंग्रेज़ी से चयन एवं अनुवाद मट्टा प्रसाद बाबू गुलाबों की ज़मीन  माँ ने कहा था — "खेता मं मत जइयो रे