रविचंद्र पी. चिट्टमपल्ली गहरे समुद्र में डुबकीIअगर किसी शांत धूप वाले दिनतुम समुद्र में डुबकी लगाते होतो तुम मुझे पाओगे, विश्राम करते हुएअपने बाएँ पैर के
जुआना एम. रामोस JUANA M. RAMOS अनुवादक : बृजेश सिंह बहादुर शहर बहुत दूर, यह शहर,मेरे लिए अपरिचित, अपनी रगों मेंदौड़ती भीड़ के बारे मेंडींगें हांकता है।इमारतों की
एच. एस. शिवप्रकाश
अनुवाद रति सक्सेना
कवि एक जिद्दी लेकिन भाग्यहीन तीर्थयात्री है
कवि एक जिद्दी लेकिन भाग्यहीन तीर्थयात्री है
जिसकी महत्त्वाकांक्षाओं से भरी यात्राएं हमेशा विफल हो जाती
तेलगु कवि इस्माइल की कविता डा वी कोण्डाल राव के अंग्रेजी अनुवाद का रति सक्सेना द्वारा हिन्दी में रूपान्तर अनुभव मुझसे कहा गया कि"हमे अपने अनुभव से सीखना
लोरेना कुरुहिंका (Lorena Curruhinca)
अनवादक -बृजेश कुमार
मुझे ऐसी कविता चाहिए जिसमें भाव हो छूने का,
चीज़ों को नजदीक लाने का, पर लेखन के समय ,
वो उनके बीच