रविचंद्र पी. चिट्टमपल्ली गहरे समुद्र में डुबकीIअगर किसी शांत धूप वाले दिनतुम समुद्र में डुबकी लगाते होतो तुम मुझे पाओगे, विश्राम करते हुएअपने बाएँ पैर के
हम ऋतुसंहार का हिन्दी अनुवाद दे रहे हैं, जिसे हिन्दी के प्रशस्त साहित्यकार रांगेय राघव जी ने किया था।   प्रिये ! आई शरद लो वर!   मधुर विकसित
 बसंत त्रिपाठी   बसन्त त्रिपाठी का नाम समकालीन कविता में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। वे पेशे से प्राध्यापक हैं, और कवि भावभूमि के हैं। 22 वर्ष
जुआना एम. रामोस JUANA M. RAMOS अनुवादक : बृजेश सिंह  बहादुर शहर बहुत दूर, यह शहर,मेरे लिए अपरिचित, अपनी रगों मेंदौड़ती भीड़ के बारे मेंडींगें हांकता है।इमारतों की
अक्टूबर के महीने में शरद के आगमन में, प्रकृति के सौंदर्य को महसूस करना, शहर के लैपटॉपजीवी हम जनों के लिए दुर्लभ ही है। पहाड़-जंगल
कृत्या का नया अंक प्रस्तुत है। कभी-कभी देह मन को सरकने भी नहीं देती और पीड़ा का अध्यात्म आत्मा को दबोच लेता है; उस वक्त
एच. एस. शिवप्रकाश अनुवाद रति सक्सेना कवि एक जिद्दी लेकिन भाग्यहीन तीर्थयात्री है कवि एक जिद्दी लेकिन भाग्यहीन तीर्थयात्री है जिसकी महत्त्वाकांक्षाओं से भरी यात्राएं हमेशा विफल हो जाती
तेलगु कवि इस्माइल की कविता डा वी कोण्डाल राव के अंग्रेजी अनुवाद का रति सक्सेना द्वारा हिन्दी में रूपान्तर अनुभव मुझसे कहा गया कि"हमे अपने अनुभव से सीखना
लोरेना कुरुहिंका (Lorena Curruhinca) अनवादक -बृजेश कुमार मुझे ऐसी कविता चाहिए जिसमें भाव हो छूने का, चीज़ों को नजदीक लाने का, पर लेखन के समय , वो उनके बीच
आयरलैंड रोज़न्सतैक और ईरानी कवि हकाकी से बातचीत     जगदीश शाहू   कविता का सार्वकालिक सच यही है कि प्रेम की कविता से बढ़कर कोई कविता नहीं हो सकती क्योंकि