ज्बीग्न्येव हेर्बेत -Zbigniew Herbert
वर्तमान यूक्रेन में जन्में कवि, निबंधकार, नाटककार और अनुवादक थे। उनका नाम 20 वीं सदी के महानतम कवियों में गिना जाता हैं।
*
एक
असंग घोष
तेरी हड़प नीति
तूने
सारे जल पर
अपना हक़ जताया
और आपस में बाँट ली
सारी जमीन
आकाश को भी
हथिया ही लिया
तूने
सांप की तरह अपनी
लपलपाती जिव्हा से
इस तरह जल ,
नभ
लगन गरीब का रात्रिभोज पानी है नंगे पाँव,तारकोल की सड़क पर चलतेइधर-उधर भीख माँगते बच्चे।शीशा बंद,गाड़ी के भीतरठंडी हवा में सोया हुआ एक व्यक्ति।शीशा खटखटाकरउसे जगाया गया।“दे