'मान्योशु' जापानी कविताअनुवाद और टिप्पणी‍-रीतारानी पालीवाल ये कविताएँ इस अर्थ में आज भी अर्थवान हैं कि अपनी सर्जनात्मकता से ये हमारे संवेगों, संस्कारों और स्मृतियों को
रेखा वशिष्ट की कविताएं मां के अन्तिम दिन मांआज जब तुमएक सांस लेते हुएएक पहाड़ चढ़ती होएक पहाड़ उतरती होएक कदम चलते हुएधरती से झगड़ती होमेरे
'मान्योशु' जापानी कविताअनुवाद और टिप्पणी‍-रीतारानी पालीवालये कविताएँ इस अर्थ में आज भी अर्थवान हैं कि अपनी सर्जनात्मकता से ये हमारे संवेगों, संस्कारों और स्मृतियों को
 कोरियाई कवि को अनFlowers of Moment क्षण के फूल(कुछ छोटी कविताएँ) अनुवाद -- रेखा सेठी नीले आसमान के नीचेएक बच्चा हैगर्भ में *एक हज़ार बूँदेंमृत शाख से लटकती
हनान अवाद (फिलिस्तीनी कवि)(हिन्दी अनुवाद प्रो. रेखा सेठी) I Understand You Are Gaza I Understand You Are the Exception  मैं समझती हूँ तुम गाज़ा हो मैं
कविता में संवाद कविता कभी -कभी संवाद को आधार देती है, अथवा कभी संवाद के माध्यम से प्रश्नों को स्पेस देती है। प्रश्न और सवाल किसी
             हेमन्त शेष की कविताएं इमारती मजदूर  रक्त से भरे पच्छिम के आसमान में शाम का रंग उतर गया हैअपने दड़बों खोलियों चालों में लौटने का वक्त कनपटियों
            मनीषा कुलश्रेष्ठ  ओ फ्रीडा ओ फ़्रीडाअपने बालों को खोल दोउनमें बंद मकड़ी को कैनवास पर चलने दोये जो गुँथे हैं बालों मेंअजीब से जंगली फूलये तुम्हारी जलती
अक्का महादेवी के वचन अक्का महादेवी कन्नड़ साहित्य की महती विभूति हैं, १२ वीं सदी की महान कवयित्री अक्का कन्नड़ के शैव वचनकारों में श्रेष्ठ मानी
सुकृता की कविताएं अनुवादः शुभा द्विवेदी श्रीनगर में डल पर विहार करते हुए तुषारित झील की सतह पर मेरे विचार पूरी तरह से पारदर्शी हो गए मैंने पहली बार अपना मुख देखा जैसे किसी क्यूबिस्ट