इस कविता विहीन वक्त में  लगातार कविता से जुडा रहना कुछ ज्यादा तो नहीं, लेकिन कुछ तो मायने रखता है। कृत्या 2005  से लगातार कविता
सीताकांत महापात्र विश्वख्याति प्राप्त उड़िया के प्रमुख कवि हैं। आप के अनेक काव्य ग्रन्थों का हिन्दी के अतिरिक्त अनेक भाषाओं में अनुवाद हुआ है। ज्ञानपीठ
समकालीन कविता में तीन महत्वपूर्ण युवा कवि प्रस्तुत हैं. विजयाराजमल्लिका मलयालम और अंग्रेजी में लिखने वाली ट्रांसजेंडर कवि हैं, जिन्होंने कम समय में नाम कमाया
बच्चा लाल "उन्मेष" "जिनके होने से भी कोई फायदा नहीं, उसे बुत ही जानो, इससे ज्यादा नहीं"  कमल मेहता द्वारा प्रस्तुत  स्थापित कवियों/लेखकों में जगह बना पाने के
शहंशाह आलम की कविताओं को आज के वक्त में रेखांकित करना इसलिए भी जरूरी है कि उनकी आवाज हाशिये में ढकेले जाते जन की आवाज
   वसंत सकरगाए हमें भी बचा लोहमारी पहचान का आवरण धीरे-धीरे खिरज रहा हैकुछ कहने की ताक़त शेष होती तो वे ज़रूर कहतेकहते कि हो सके तो
नन्द चतुर्वेदी   नन्द चतुर्वेदी राजस्थान के प्रख्यात कवि साहित्यकार रहे हैं। का जन्म 21 अप्रैल, 1923 में हुआ था, उन्होंने बचपन से कविता लिखनी आरंभ कर
अंधेरे के गीतों के वाहक - गौतम वेगड़ा कमल मेहता द्वारा प्रस्तुत वंचित वर्ग से आने वाले कवियों/लेखकों में से बहुत कम ही ऐसे हैं जो मुख्यधारा
कभी -कभी मुझे लगता है कि हम सब नीरो तो नहीं हो गए? रोम जल रहा है और हम बांसुरी बजा रहे हैं। आजकल हम
जोन्न टोलसन  मैं और कविता कागज है कैनवासकलम है तूलिकामैं खींचती हू्ं शब्द, रंगों की तरहप्रतीकों में बदलते हुएहर लकीर के साथ कार्बन कापी ब्रह्माण्ड की दूसरी कार्बन कापी